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इफको दिसंबर माह में उर्वरक छिडकांव के लिए उपलब्ध करा सकता है ड्रोन

इफको दिसंबर माह में उर्वरक छिडकांव के लिए उपलब्ध करा सकता है ड्रोन

हलधर किसान (तकनिक)। देशभर में नैनो उर्वरको के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए अपने राष्ट्रीय अभियान के तहत अग्रणी सहकारी संस्था इफको जल्द ही ग्रामीण उद्यमियों को ड्रोन उपलब्ध कराने वाली है। इसके लिए इफको ने ड्रोन निर्माता कंपनी पारस एयरोस्पेस को 42.2 करोड़ रुपये की लागत के 400 एग्रीकल्चर ड्रोन की आपूर्ति करने…

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मखाना महोत्सव

1 दिसंबर को पटना में होगा मखाना महोत्सव, किसान, वैज्ञानिक और निर्यातक लेंगे हिस्सा

हलधर किसान। बिहार के मखाना के उत्पादन में वृद्धि और उसके बाजार के लिए नए आयाम तलाशने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार पटना में राष्ट्रीय मखाना उत्सव आयोजित करने जा रही है। पटना में एक और दो दिसंबर को उद्यान निदेशालय, कृषि विभाग की ओर से आयोजित महोत्सव में विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ…

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रबी सत्र में अब तक 86 लाख हेक्टेयर बुआई, 5 प्रतिशत घटा गेहूं रकबा

रबी सत्र में अब तक 86 लाख हेक्टेयर बुआई, 5 प्रतिशत घटा गेहूं रकबा

हलधर किसान। चालू रबी मौसम (सर्दियों की बोआई) में अबतक गेहूं की बोआई का रकबा पांच प्रतिशत घटकर 86.02 लाख हेक्टेयर रह गया है। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। पिछले साल की समान अवधि में गेहूं का रकबा 91.02 लाख हेक्टेयर था। मंत्रालय ने कहा, ‘‘पिछले वर्ष की इसी अवधि…

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174 वर्षों के जलवायु इतिहास का अब तक का सबसे गर्म रहा अक्टूबर

174 वर्षों के जलवायु इतिहास का अब तक का सबसे गर्म रहा अक्टूबर 

एशिया, दक्षिण अमेरिका ने किया सबसे गर्म अक्टूबर का सामना हलधर किसान (अंतर्राष्ट्रीय) ।अमेरिकी वैज्ञानिकों ने पुष्टि की है कि एशिया और दक्षिण अमेरिका के लिए अक्टूबर का महीना 174 वर्षों के जलवायु इतिहास का अब तक का सबसे गर्म अक्टूबर रहा। जब तापमान नए शिखर पर पहुंच गया था। अफ्रीका, यूरोप और उत्तरी अमेरिका…

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65 एकड़ क्षेत्र में कपास फसल का हुआ प्रदर्शन, नागपुर की देशी किस्मों की हुई थी बुआई

65 एकड़ क्षेत्र में कपास फसल का हुआ प्रदर्शन, नागपुर की देशी किस्मों की हुई थी बुआई 

हलधर किसान। मप्र के खरगोन जिले में खरीफ वर्ष 2023 में   नवाचार के रुप में लगाई गई कपास फसल का बुधवार को प्रदर्शन किया गया। केन्द्रीय कपास अनुसंधान केन्द्र नागपुर से कपास की कम फैलने वाली एवं कम बढ़वार वाली देशी किस्में सीएएन 1032 (बीएस), सीएएन 1028 (बीएस)ए सुरज बीटी (बीएस), रजत बीटी (बीएस),…

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विश्व पर्यटन बाजार लंदन में लगी स्वदेशी उत्पादों की प्रदर्शनी 

विश्व पर्यटन बाजार लंदन में लगी स्वदेशी उत्पादों की प्रदर्शनी 

हलधर किसान। पर्यटन मंत्रालय यात्रा संचालक और राज्य पर्यटन विभागों समेत विभिन्न हितधारकों के साथ डब्ल्यूटीएम लंदन में भाग ले रहा है। पर्यटन मंत्रालय ने विश्व पर्यटन बाजार लंदन में अतुल्य भारत मंडप के लिए 650 वर्ग मीटर की जगह ली है, जिसमें  अतुल्य भारत!  भारत भ्रमण वर्ष 2023 थीम के तहत भारत आने वाले…

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हलधर किसान 24

धूल के विशाल बादल के प्रभाव की वजह से विलुप्त हुये डायनासोर नए शोध में कहा 15 साल तक धुंए के गुबार में ढंकी रही धरती

हलधर किसान (वन्य)। डायनासोर के पृथ्वी से विलुप्त होने के रहस्यों से पर्दा उठने लगा है। इसको लेकर कई तरह के सिद्धांत हैं. एक सिद्धांत जो सबसे ज्यादा माना जाता है कि 65 मिलियन साल पहले धरती पर एक एस्टेरॉयड टकराया था जिस वजह से डायनासोर प्रजाति का विनाश हो गया. लेकिन अब एक नया…

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हलधर किसान (22)

गेहूं की नई बायोफोर्टिफाइड किस्में डीडीडब्ल्यू.55 और डीबीडब्ल्यू.316 

हलधर किसान (रबी सीजन)। गेहूं भारतीय किसानों के लिए मुख्य फसल है और उनकी आर्थिक संतुलन की देखभाल करती है। हाल के समय में तापमान के बढ़ते हुए प्रभाव के कारण गेहूं के उत्पादन पर असर पड़ा है। इस समस्या का समाधान ढूंढते हुए  कृषि विश्वविद्यालयों के द्वारा गेहूं की नई.नई किस्में विकसित की जा…

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हलधर किसान (21)

वैज्ञानिकों ने तैयार किया बायो/थर्मोकोल, पराली से प्रदूषण रोकने पर साबित हो सकता है कारगर

हलधर किसान।  हर साल फसलों की कटाई के बाद पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के किसानों द्वारा जलाई गई पराली से प्रदूषण बढऩे की समस्या आम हो गई है। इस समस्या से निजात के लिए शासन. प्रशासन द्वारा कई प्रयास किए जा रहे है लेकिन अब तक सफलता नही मिली है। अब वैज्ञानिको ने…

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एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीएआई) ने 2023-24 (अक्टूबर-सितंबर) सीज़न के लिए फसल उत्पादन का पहला अनुमान जारी किया है, जिसमें इसका अनुमान 29.5 मिलियन गांठ (1 गांठ = 170 किलोग्राम) है, जो 15 वर्षों में सबसे कम है। यह अनुमान पिछले साल के 31.8 मिलियन गांठ से कम है, और चालू सीज़न के लिए सरकार का पहला अग्रिम अनुमान 31.6 मिलियन गांठ है। सीएआई को उम्मीद है कि प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण कपास उगाने वाले राज्यों में पैदावार में 5-20% की गिरावट आएगी। उत्तर भारत में गुलाबी बॉलवर्म के गंभीर हमले के कारण, फसल के आकार का अनुमान 6.2 मिलियन गांठों से घटाकर 4 मिलियन कर दिया गया है। व्यापार निकाय, जिसने हाल की बैठक में फसल अनुमान को अंतिम रूप दिया, को उम्मीद है कि वह 15 नवंबर को अपनी अगली बैठक में स्थिति का जायजा लेगा। 2008-09 के बाद, यह कपास की सबसे कम फसल है," सीएआई के अध्यक्ष अतुल गनात्रा ने कहा, उन्होंने अल नीनो में गिरावट और कपास की खेती के क्षेत्र में 5.5% की कमी को जिम्मेदार ठहराया।

15 साल बाद कपास उत्पादन में गिरावट, सीएआई ने जारी किया अनुमान

हलधर किसान | एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीएआई) ने 2023-24 (अक्टूबर-सितंबर) सीज़न के लिए फसल उत्पादन का पहला अनुमान जारी किया है, जिसमें इसका अनुमान 29.5 मिलियन गांठ (1 गांठ = 170 किलोग्राम) है, जो 15 वर्षों में सबसे कम है। यह अनुमान पिछले साल के 31.8 मिलियन गांठ से कम है, और चालू सीज़न के…

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