हलधर किसान भोपाल | हर विधानसभा में होंगे कृषि सम्मेलन, किसानों को मिलेंगे आधुनिक यंत्र किराये पर डॉ. मोहन यादव ने कृषक कल्याण वर्ष 2026 के तहत कृषि क्षेत्र को और मजबूत बनाने तथा योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों की आय में ठोस वृद्धि सुनिश्चित करना है।
भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में आयोजित कृषि अभिमुखीकरण कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
📊 विधानसभा स्तर पर कृषि क्रांति की तैयारी
- प्रदेश की हर विधानसभा में कृषि सम्मेलन आयोजित होंगे
- प्रत्येक विधानसभा के लिए ₹5 लाख का प्रावधान
- विधायक अपने क्षेत्र में 4–5 सम्मेलन आयोजित करेंगे
- लघु किसानों के लिए किराये पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराने की योजना
⚡ किसानों को सस्ती बिजली, योजनाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है जहां किसानों को मात्र ₹5 में बिजली कनेक्शन दिया जा रहा है। यह कदम किसानों की लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने में मददगार साबित हो रहा है।
🐄 डेयरी सेक्टर में बड़ी उपलब्धि
- डेढ़ साल में दूध संकलन में 25% वृद्धि
- अब प्रतिदिन 12.50 लाख लीटर दूध संग्रहण
- दूध के दाम में ₹5 प्रति लीटर वृद्धि
- गौशालाओं के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली और भूसा मशीन उपलब्ध
साथ ही स्कूली बच्चों के लिए नि:शुल्क दूध वितरण (माता यशोदा योजना) शुरू करने की पहल की गई है।
🌱 सिंचाई, फसल और तकनीक पर फोकस
- सिंचाई रकबा बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य
- ग्रीष्मकालीन उड़द पर ₹600 प्रति क्विंटल बोनस
- नरवाई प्रबंधन और कटाई के लिए कृषि यंत्र योजना
- एग्रीस्टैक योजना के तहत किसानों का डिजिटल डेटा तैयार
🏭 कृषि से उद्योग और निर्यात को बढ़ावा
- प्रदेश में 4000+ फूड प्रोसेसिंग प्लांट
- 47 कंपनियों के ₹20,000 करोड़ निवेश प्रस्ताव
- एग्री निर्यात को 2028 तक ₹30,000 करोड़ करने का लक्ष्य
- 600 से अधिक कृषि आधारित स्टार्टअप सक्रिय
🌾 लघु उद्योग और नई खेती को प्रोत्साहन
- शहद उत्पादन, होम-स्टे और ग्रामीण उद्यम को बढ़ावा
- मखाना, कोदो-रागी जैसी फसलों का विस्तार
- वृंदावन ग्रामों को आदर्श कृषि ग्राम बनाने की योजना
🎯 सरकार का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि “कृषक कल्याण वर्ष” के माध्यम से किसान, परिवार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था तीनों को मजबूत करना है, ताकि मध्यप्रदेश देश की कृषि अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभा सके।
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